उत्तर-प्रदेश

अब डाकघरों में भी यू.पी.आइ आधारित क्यूआर कोड से होगा भुगतान

  • स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, पार्सल की बुकिंग के लिए नगदी की जरूरत नहीं,वाराणसी परिक्षेत्र के 274 डाकघरों में सेवा प्रारम्भ

वाराणसी। डाक विभाग ने ग्राहकों को सुविधा देने के लिए नई पहल की है। डाकघरों के काउंटर्स पर नकद की समस्या से छुटकारा और डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहन देने के लिए देश भर के सभी डाकघरों के बुकिंग काउंटरों पर क्यू.आर. कोड लगाये गए हैं। जिन्हें स्कैन कर ग्राहक यू.पी.आई के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। इससे उत्तर प्रदेश के ढाई हजार से ज्यादा डाकघरों के ग्राहक लाभान्वित होंगे। शनिवार को ये जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने दी। उन्होंने बताया कि रेलवे डाक सेवा में स्थित काउंटर्स पर भी ये क्यू.आर. कोड लगाए गए हैं, जहाँ देर रात तक बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होती है।

हालांकि नकद रकम देकर डाक वस्तुओं की बुकिंग का कार्य भी पूर्व की ही भांति होता रहेगा। उन्होंने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र के सभी 6 प्रधान डाकघरों और 268 उप डाकघरों में डाक विभाग ने डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था के लिए क्यू.आर. कोड से यू.पी.आइ आधारित आनलाइन भुगतान की सुविधा ग्राहकों के लिए उपलब्ध करा दी है। इसमें वाराणसी पूर्वी मंडल के 58, वाराणसी पश्चिमी मंडल के 60, जौनपुर के 54, गाजीपुर के 54 और बलिया के 48 डाकघर भी शामिल हैं। पोस्टमास्टर जनरल ने बताया कि डाकघरों में स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री पत्र, रजिस्टर्ड पार्सल, रजिस्टर्ड फॉरेन पत्र, व अन्य रजिस्टर्ड आर्टिकल्स, इंटरनेशनल एयर पार्सल, एरोग्राम इंटरनेशनल, फ्रैंकिंग मशीन रिचार्ज, बिजनेस पोस्ट, बिल मेल सेवा, विभागीय परीक्षा शुल्क आदि के चार्ज का भुगतान अब कैश के अलावा डिजिटल पेमेंट के माध्यम से भी हो सकेगा।

पत्र/पार्सलों की बुकिंग के दौरान काउंटर क्लर्क द्वारा पॉइंट ऑफ सेल पर पत्र के प्रेषक व प्राप्तकर्ता की सभी जानकारियों को दर्ज करने के उपरांत ग्राहक को रकम बताई जायेगी और क्यू.आर. कार्ड को स्कैन कर भुगतान की प्रक्रिया संपन्न करने को कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि क्यू आर कोड को स्कैन कर किसी भी यू.पी.आई पेमेंट मोबाइल एप्लीकेशन जैसे डाक पे, गूगल पे, फोन पे, पेटीएम, एमेजन पे आदि के द्वारा भुगतान किया जा सकेगा। भुगतान की प्रक्रिया ग्राहक द्वारा पूर्ण करने पर सॉफ्टवेयर सेन्ट्रल सर्वर से भुगतान संपन्न होने की जानकारी लेगा और ग्राहक की रसीद प्रिंट हो जाएगी। उन्होंने बताया कि डाकघरों में इस सेवा के शुरू होने से ग्राहकों की सुविधाओं में इजाफा होने के साथ-साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इससे डाकघरों में आए हुए ग्राहकों को फुटकर पैसों की समस्या से राहत मिल जाएगी और काउंटर पर बैठे डाक सहायक को भी नकद लेन-देन से छुटकारा प्राप्त हो जाएगा और समय की भी बचत होगी।

Lahar Ujala

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