उत्तर-प्रदेश

एक मई से बिजली आपूर्ति की स्थिति में हो जायेगा सुधार : एके शर्मा

  • कारपोरेशन बिजली की मांग के अनुरूप विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी सम्भव उपाय कर रहा
  • जनता से अपील, विशेष परिस्थितियों में ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे विद्युत कार्मिकों के कार्य में बांधा पहुंचे

लखनऊ। भीषण गर्मी के कारण प्रदेश में बिजली की मांग अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी है। इस समय देश के अन्य राज्यों में भी बिजली की घोषित कटौती शुरू हो गयी है। ऐसा अचानक से बढ़ी गर्मी और कुछ अन्य तकनीकी कारणों से हो रहा है। इन प्रतिकूल परिस्थितियों में भी उ0प्र0 पावर कारपोरेशन प्रदेश में विद्युत आपूर्ति को सामान्य रखने और उपभोक्ताओं को अधिकतम विद्युत आपूर्ति देने के लिए युद्धस्तर पर प्रयासरत है।

ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री ने कहा कि पावर कारपोरेशन मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश में तय शिड्यूल के अनुरूप ही सभी क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक मई से बिजली आपूर्ति में निश्चित तौर पर सुधार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरों को यथा सम्भव कटौती से मुक्त रखने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण क्षत्रों में भी अत्यन्त आवश्यकता पड़ने पर ही आपात कटौती की जा रही है।

बिजली की बचत में सभी करें सहयोग

ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इन विशेष परिस्थितियों में हमारा सहयोग करें और ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे विद्युत कार्मिकों के कार्य में बांधा पहुंचे। हमारे विद्युत कर्मी निर्बाध आपूर्ति के लिए दिन-रात अपने कार्य में लगे हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है, वहीं कई बिजली इकाइयां तकनीकी कारणों से हफ्तों से बन्द है, ऐसे में बिजली की बचत के प्रयास में सभी अपना सहयोग प्रदान करें।

उन्होंने बताया है कि बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए पावर कारपोरेशन ने एक मई से लगभग दो हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का इंतजाम किया है। सिक्किम से 400 मेगावाट हाइड्रो पावर जुटाने के अलावा बैकिंग (पूर्व में दी गयी। बिजली के बदले अब बिजली लेने की व्यवस्था) की 300 मेगावाट विद्युत मध्यप्रदेश से और 348 मेगावाट बिजली राजस्थान से मिलने की सम्भावना है। इसी तरह बिडिंग के जरिए भी 450 से 800 मेगावाट बिजली की व्यवस्था की जा रही है।

पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष एम देवराज का कहना है कि बिजली संकट से निपटने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पहली मई से लगभग डेढ़-दो हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का इंतजाम होने से बिजली आपूर्ति की स्थिति में निश्चित तौर पर सुधार होगा। उन्होंने कहा कि विद्युत उत्पादन की जो ईकाइयां बन्द है। उन्हें भी शीघ्र चालू करके का प्रयास युद्धस्तर पर किया जा रहा है। विभिन्न स्तरों पर आपूर्ति, उत्पादन, उपभोक्ता सेवा एवं राजस्व प्राप्ति आदि की गहनता मॉनीटरिंग हो रही है।

Lahar Ujala

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