उत्तर-प्रदेश

25 लाख की रंगदारी मामले में बांदा के पूर्व विधायक को नहीं मिली अग्रिम जमानत, खनिज अधिकारी को पीटने का भी आरोप

उत्तर प्रदेश के बांदा के पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति की अग्रिम जमानत खारिज कर दी गई है. जिला और सत्र न्यायाधीश गजेंद्र ने पूर्व विधायक की अग्रिम जमानत अर्जी  खारिज कर दी. उनके खिलाफ साल 2018 में खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पूर्व विधायक पर हर महीने 25 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और बंधक बनाकर पिटाई करने का भी मामला दर्ज है. जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि 10 अक्टूबर 2018 में खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने नगर कोतवाली में बृजेश प्रजापति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

शिकायत में कहा गया था कि 9 अक्टूबर 2018 को विधायक बृजेश कुमार का सरकारी गनर और प्रतिनिधि नीरज पटेल स्कॉर्पियो से खनिज कार्यालय पहुंचे थे. दोनों ने खनिज अधिकारी से कहा था कि विधायक ने उनको सर्किट हाउस में बुलाया है. खनिज अधिकारी विभागीय कर्मचारी अरविंद पांडे के साथ सर्किट हाउस पहुंचे. जिसके बाद विधायक ने उनसे कहा कि उनके क्षेत्र में बालू की तीन खदानें हैं. इन तीनों खदानों से उन्हें हर महीने 25 लाख रुपए रंगदारी दी जाए.

बृजेश प्रजापति की अग्रिम जमानत याचिका रद्द

खनिज अधिकारी का आरोप है कि विधायक बृजेश प्रजापति ने उनसे कहा था कि अगर उन्हें रंगदारी नहीं मिली तो वह तीनों खदानों का काम नहीं चलने देंगे. खबर के मुताबिक तीनों बालू की खदानें तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र में चल रही थीं.  खनिज अधिकारी शैलेंद्र ने कहा कि उन्होंने रंगदारी की बात से इनकार कर दिया था. उन्होंने विधायक से कहा कि पैसे वसूलना संभव नहीं है. तीनों खदानों से 25 लाख रुपए नहीं दे सकते, ये तरीका गलत है.

खनिज अधिकारी ने बृजेश प्रजापति से कहा था कि रंगदारी वसूलने पर उनकी शिकायत कर दी जाएगी, इससे उनकी नौकरी चली जाएगी. शैलेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि मना करने के बाद भी विधायक रंगदारी की मांग पर अड़े रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि बृजेश प्रजापति ने अपने सरकारी गनर से उनके हाथ पैर रस्सी से बांधवाकर उन्हें खूब पिटवाया. इस दौरान उसके हाथ पैर और नाक से खून बहन लगा.

‘रंगदारी देने से मना करने पर बुरी तरह पीटा’

खनिज अधिकारी का आरोप है कि विधायक के गुर्गों ने उन्हें बेहोश होने तक पीटा. जिसके बाद खनिज अधिकारी ने अपने ट्रांसफर की मांग भी की थी. उन्होंने विधायक से साफ तौर पर कह दिया था कि वह चाहे तो उनका ट्रांसफर करा दें लेकिन वह रंगदारी नहीं दे सकेंगे. कोर्ट के मुताबिक इसी मामले में बृजेश प्रजापति ने अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी. उस याचिका को कोर्ट से खारिज कर दिया गया है. इस मामले में पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति का कहना है कि अदालत पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है. बृजेश पाठक ने कहा कि उन्हें जमानत मिले या नहीं, ये कोर्ट का विशेषाधिकार है.

Lahar Ujala

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