लोकचित्र कला प्रदर्शनी का आयोजन

लखनऊ।
पंकज आर्ट्स फाऊंडेशन के द्वारा श्रीमती ललिता पांडे द्वारा बनाई गई लोकचित्र कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एफिल के क्लब के सभागार में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डा अनिल रस्तोगी, दर्पण संस्था के अध्यक्ष
पद्मश्री डा विद्या बिंदु सिंह पूर्व निदेशक हिंदी संस्थान, श्री अशोक बैनर्जी पूर्व निदेशक सूचना विभाग,श्री राकेश श्रीवास्तव, संगीतकार डा वी वी पांडे अथर्व इंडिया के अध्यक्ष विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ।
अतिथियों का स्वागत पुष्प पौध, स्मृति चिन्ह, एवं उत्तरीय से किया गया।कार्यक्रम का संचालन करते हुए डा अपूर्वा अवस्थी ने कहा कि श्रीमती ललिता पांडे की यह प्रदर्शनी साधारण व्यक्ति की असाधारण यात्रा है ललिता जी की कलाकृतियों में प्रेम है प्रकृति है संगीत है मन के भाव है लोक के रंग हैं।
पद्मश्री डा विद्या बिंदु ने कहा कि ललिता जी के अंदर जो प्रतिभा है वे जो पेंटिंग बनाती है उनमें पारंपरिक और आधुनिकता का अद्भुत संगम है।
श्री अशोक बैनर्जी ने कहा कि ललिता जी को भरत मुनि के नाट्य शास्त्र का अवलोकन भी करना चाहिए जिससे उनको अपनी पेंटिंग में सहायता मिलेगी। राकेश श्रीवास्तव ने ललिता जी को बधाई देते हुए एक संगीतमय राम कहानी सुनाई। जिससे वातावरण राममय हो गया।डा अनिल रस्तोगी ने कहा कि आज इस अवसर पर मुझे बहुत खुशी हो रही है कि महिलाएं लोककलाओं के क्षेत्र में आगे आ रही है। पहले केवल पुरुष ही पेंटिग बनाते थे।ललिता जी को बधाई।
इस अवसर पर वरिष्ठ चित्रकार अखिलेश निगम,डा अवधेश मिश्रा,डा लीना मिश्रा भी उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन देते हुए ललिता पांडे ने कहा कि आज मैं बहुत अभिभूत हूं मैं सभी का धन्यवाद करती हूं सभी मेरा सहयोग करते हैं मैं सबकी आभारी हूं



