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बग्गा को पकड़ने के लिए दागी DSP को भेजा गया, ड्रग तस्करों से हैं उसके लिंक: सिरसा

भाजपा नेता तजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक तूफान सा खड़ा हो गया है। तीन राज्य दिल्ली, पंजाब और हरियाणा इसकी चपेट में हैं। AAP के खिलाफ गंभीर आरोप लगे हैं। मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि बग्गा को गिरफ्तार करने आए पुलिसकर्मियों में से एक के ड्रग लिंक हैं और उसने अपने पिछले कनेक्शन को छिपाने के लिए अपना नाम बदल लिया है।

इस मामले में हाई ड्रामा दूसरे दिन भी जारी रहा। कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं को आप कार्यालय के बाहर विरोध करते देखा गया था। 36 वर्षीय बग्गा ने दावा किया कि पंजाब पुलिस ने उसे इस तरह गिरफ्तार किया जैसे कि वह आतंकवादी हों। आप ने शुक्रवार को कहा था कि गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित नहीं थी और पंजाब पुलिस को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि बग्गा जांच के लिए पेश नहीं हो रहे थे।

‘ड्रग कारोबारी ने पोस्टिंग में की मदद’

लगभग दो मिनट के लंबे वीडियो में सिरसा को यह कहते हुए सुना जाता है कि ‘जो डीएसपी तेजिंदर बग्गा को गिरफ्तार करने आया था, उसे अरविंद केजरीवाल ने टास्क दिया था। वह सबसे बड़े ड्रग रैकेट में से एक से जुड़ा हुआ है। ड्रग कारोबारी सरबजीत सिंह ने उसकी पोस्टिंग में मदद की, वह अब जेल में है। सिरसा ने यह भी दावा किया कि कुलजिंदर सिंधु ने केएस सिंधु कहलाना पसंद किया क्योंकि उसके पिछले आतंकी संबंध थे। पुलिस या आप ने अभी तक आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

सरबजीत-चट्टोपाध्याय के बातचीत की ऑडियो लीक

सिरसा ने कहा, “ड्रग लॉर्ड सरबजीत सिंह और पंजाब के तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के बीच लीक हुई ऑडियो बातचीत को सुनें, जहां सरबजीत का कहना है कि कुलजिंदर को उसका ‘पूरा विश्वास’ है और वह किसी भी अवैध ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है।” बता दें कि बग्गा की गिरफ्तारी मामले में सुनवाई मंगलवार के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व कर रहे एएसजी सत्य पाल जैन के मुताबिक, यह एक अलग बेंच का मामला था। इसलिए, मामले की मंगलवार को फिर से सुनवाई होगी।

Lahar Ujala

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