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ओमीक्रॉन के आने के बाद से वैक्सीनेशन रेट में 8.5 प्रतिशत की गिरावट, केंद्र पर रणदीप सुरजेवाला का हमला, कहा- मेरा देश जवाब मांगता है

कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने शनिवार को कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) पर निशाना साधा और कोरोना से निपटने की उनकी नीति पर सवाल उठाया. सुरजेवाला ने एक हिंदी न्यूज आर्टिकल को शेयर किया, जिसमें बताया गया है कि भारत में वैक्सीनेशन की दर (Corona Vaccination) में ओमीक्रोन वेरिएंट (Omicron Variant) के आने के बाद से 8.5 प्रतिशत की गिरावट आई है.

कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने केंद्र पर 18 साल से कम उम्र के लोगों के लिए बूस्टर डोज और वैक्सीनेशन नीति नहीं लाने का भी आरोप लगाया. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि वैक्सीनेशन की दर धीमी हो रही है. सभी को दिसंबर तक कोरोना वैक्सीन (Covid Vaccine) नहीं लग पाएगी. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, मोदी सरकार कोरोना से कैसे निपटेगी. कोविड वैक्सीन की रफ्तार घट रही है. दिसंबर तक सबको वैक्सीन नहीं लग पाएगी.

‘मेरा देश जबाब मांगता है’- सुरजेवाला

वहीं बूस्टर डोज को लेकर उन्होंने कहा, ‘बूस्टर डोज को लेकर कोई नीति नहीं है. 18 साल से कम उम्र के लोगों के लिए कोई वैक्सीन नीति भी नहीं है. ओमीक्रोन की जीनोम सीक्वेंसिंग नहीं है. मेरा देश जबाब मांगता है.’ केंद्र सरकार की कोरोना नीतियों को लेकर सुरजेवाला का बयान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Health Minister Mansukh Mandaviya) द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में दिए उस बयान के बाद आया है, जिसनें स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि देश में वैक्सीनेशन के लिए एलिजिबल आबादी वाले 86 प्रतिशत लोगों को पहली डोज दी गई है.

केंद्र ने दावा किया कि कोरोना वैक्सीनेशन का टारगेट जल्द से जल्द हासिल कर लिया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने लोकसभा में कहा कि ओमीक्रोन पर वैक्सीन कितनी प्रभावी है, इसके लिए लैब में स्टडी की जा रही है. रिपोर्ट आने के बाद ही यह बताया जा सकता है कि वैक्सीन कितनी प्रभावी होगी. उन्होंने यह भी बताया कि जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए देश में इस समय 36 लैब उपलब्ध हैं और इनमें से 30 हजार जीनोम सीक्वेंसिंग की जा सकती हैं. ये कैपेसिटी प्राइवेट लैब का उपयोग करके बढ़ाई भी जा रही है.

वैक्सीन की पहली डोज 86 प्रतिशत पात्र आबादी को लगी

डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले ओमीक्रोन कितना खतरनाक है इसका जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने कहा कि हमारे वैज्ञानिक रोज इसी विषय पर काम कर रहे हैं. बाकी देशों में ओमीक्रोन के क्या हालात हैं, वहां क्या किया जा रहा है, यहां के मरीजों में क्या लक्षण हैं, इन पर अभी स्टडी की जा रही है. स्टडी के बाद ही यह बताया जा सकेगा कि ओमीक्रोन कितना खतरनाक है. बूस्टर डोज की अनुमति दिए जाने को लेकर स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द सभी का वैक्सीनेशन हो जाए. भारत में वैक्सीन की पहली डोज 86 प्रतिशत पात्र आबादी को दी जा चुकी है. अन्य देशों की तुलना में हमारी बहुत अच्छी स्थिति है. उन्होंने यह भी कहा कि देश में दो एक्सपर्ट ग्रुप हैं. दोनों ग्रुप जब सहमति देंगे तो हम तीसरा या बूस्टर डोज की अनुमति देंगे.

Lahar Ujala

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