जनपद में आदिवासी धुरिया गोंड ने मनाया बलिदान दिवस

इसौरी रामनगर
जनपद अंबेडकर नगर आलापुर शाखा के अन्तर्गत अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ उत्तर प्रदेश, के तत्वाधान में गोंडवाना गढ़मंडला साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस रामनगर आलापुर अंबेडकरनगर के प्रांगण में बड़े धूमधाम से मनाया गया, कार्यक्रम की शुरुआत आरोपुर से लेकर तहसील मुख्यालय तक महारानी दुर्गावती की झांकी निकालकर गोंडी नृत्य के साथ लोगों को संदेश देने का काम किया गया प्राप्त जानकारी के अनुसार गोंडी नृत्य ने ही बता दिया कि आदिवासी धुरिया गोंड समाज को कौन भूल गया। जबकि यह गोंड धुरिया जनजाति अंबेडकरनगर में ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में पाए जाते हैं जो कि जनपद के उच्च अधिकारियों की कलम की ताकत के अनुसार यहां गोंड धुरिया जनजाति पाए ही नहीं जाते हैं जबकि यह प्रमाण देखने को मिला आलापुर तहसील में गोंड धुरिया जनजाति भारी संख्या में पाए जाते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेंद्र प्रसाद गोंड ने किया मुख्य अतिथि के रूप में आजमगढ़ जनपद से आए सुहाल प्रसाद गोंड ने की , मुख्य संचालन कर्ता मास्टर अच्छेलाल गोंड ने किया मुख्य वक्ता के रूप में बालमुकुंद धुरिया रामबदन गोंड,डा लक्ष्मीकांत गोंड राम लौट गोंड, रामजगत गोंड रोशन लाल गोंड, रामसहाय गोंड हरिलाल धुरिया, भेजू राम गोंड,कन्हैयालाल गोंड, रामबूझ गोंड, नंदलाल गोंड, गोंड समाज के पूर्व कार्य कर्ता मास्टर राममिलन गोंड,त्रिभुवन धुरिया, ध्रुव कुमार धुरिया,राम भजन, वरिष्ठ पत्रकार गणेश कनौजिया प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति, राम सुरेश चौहान राष्ट्रीय सचिव रामचरित्र चौहान वीआईपी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष गोमती निषाद वीआईपी पार्टी के कोषाध्यक्ष राधेश्याम निषाद , महिला शक्ति से कैलाशी देवी धुरिया, रंजू गोंड इत्यादि मौके पर मौजूद रहीं वहीं पर मीडिया साथी पत्रकार सुनील कुमार गोंड , रामू गोंड,हरीलाल पत्रकार, दयाशंकर यादव पत्रकार,पुनीत दूबे, धीरेंद्र पत्रकार, रोहित पाठक आदि पत्रकार कार्यक्रम में शामिल हुए तथा तमाम वक्ताओं ने महारानी दुर्गावती के इतिहास पर प्रकाश डाला और लोगों ने शिक्षा और संगठित रहो संघर्ष करो पर बल दिया वहीं पर महारानी दुर्गावती के वीरांगना योग और साम्राज्य पर चर्चा भी की गई तमाम वक्ताओं ने अपनी बारी बारी से अपने अपने विचार रखे इस मौके पर तमाम मछुआ समुदाय के लोग भी उपस्थित रहे।




