पीएचसी और सीएचसी में रही मरीजों की भीड़, दिए सावधानी बरतने के निर्देश

बदलते मौसम के चलते नगर व ग्रामीण इलाकों में भी बुखार, सर्दी, जुकाम के अलावा अन्य मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पीएचसी और सीएचसी में मरीजों की भीड़ रही। ओपीडी के दौरान डॉक्टर के कक्ष के बाहर मरीजों की लाइनें लगी रही।
जनवरी के दो सप्ताह तक पड़ी भीषण सर्दी ने जहां एक ओर झकझोंर दिया। वहीं अब दोपहर में धूप निकल रही है। इस समय वॉयरल बुखार तेजी से फैला हुआ है। वहीं खांसी, जुकाम के मरीज भी अधिकांश देखे गये। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में नगर व आस पास तमाम मरीज पहुंचे। जहां डॉ0 एस एस सिंह ने उनकी ओपीडी की। डॉक्टर ने बताया कि जो लोग चर्म रोग से पीड़ित हैं उन्हें गुनगुने पानी से स्नान करना चाहिये। जिसके बाद नारियल तेल या बॉडी लोशन का मालिश करें, अगर शरीर पर चकत्ते हों तो डाक्टर की सलाह अवश्य लें।
बदलते मौसम के चलते नगर व ग्रामीण इलाकों में भी बुखार, सर्दी, जुकाम के अलावा अन्य मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पीएचसी और सीएचसी में मरीजों की भीड़ रही। ओपीडी के दौरान डॉक्टर के कक्ष के बाहर मरीजों की लाइनें लगी रही।
सीएचसी सिकंदरपुर कर्ण में तैनात डॉ आशुतोष वार्ष्णेय ने बताया कि ठंड के मौसम में बुखार और सर्दी जुकाम होना आम बात है। इसमें एंटीबायोटिक्स या दवाइयों का बहुत अधिक रोल नहीं होता है। लोग अपना इलाज घर में ही कर सकते हैं। आप अपनी इम्यूनिटी को मजबूत रखकर वायरल बुखार से बच सकते हैं। इसके लिए लोग हरी सब्जियों, खट्टे फल और हल्दी-दूध का नियमित सेवन करते रहें।
चर्म रोगियों के उपाय
मधु होम्यो केअर के डॉक्टर निखिल सिंह बताते हैं कि जो लोग चर्म रोग से पीड़ित हैं उन्हें गुनगुने पानी से स्नान करना चाहिये। जिसके बाद नारियल तेल या बॉडी लोशन का मालिश करें, अगर शरीर पर चकत्ते हों तो डाक्टर की सलाह अवश्य लें।
बीपी व हृदय रोगी अगर मॉर्निग वॉक करते हैं तो उन्हें सिर पैर को ढक कर रखे, वहीं छोटे बच्चों को ढक कर रखने की जरुरत है। अन्यथा नजला होने का खतरा बढ़ जाता है। बुखार आने पर पैरासीटामॉल लें।




